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Tuesday, May 17, 2016

Castaway (2000 ) : रुक जाना नहीं तू कही हार के !!

आपके सर पर छत है , सोने के लिए मनपसंद  बिस्तर है , कोई है जो आपको प्यार करता है , आपके पास करने को इतना काम है कि वक्त कम पड़ता है , आपके भोजन का समय निश्चित है – कल्पना किजिये यह सब आपसे छीन लिया जाए तो आप जी सकेगे ? यहाँ निर्देशक रोबर्ट ज़ेमेकिक (Robert Zemeckis) हमें एक किरदार से मिलाते है चक नोलैंड (tom hank) फ़ेडेक्स में काम करता है और उसकी दिनचर्या घडी कि सुइयों से बंधी हुई है . निजी जिन्दगी से भी ज्यादा तवज्जो वह अपने काम को देता है यही वजह है कि क्रिसमस की डिनर पार्टी में अपनी सुन्दर मंगेतर केली  (Helen Hunt) से यह कहते हुए बिदा लेकर निकलता है कि शीघ्र लोटकर आऊंगा . उसका यह शीघ्र चार साल लम्बा होता है .

फ़ेडेक्स के छोटे से विमान में समुद्र पर से उड़ते हुए चालक अपना नियंत्रण खो बेठता है और विमान समुद्र में समा जाता है . अकेला बचा चक किसी तरह किनारे लगता है . जीवित बचने की उसकी ख़ुशी तब काफूर होती जब उसे पता चलता है कि वह इस द्वीप पर इकलोता प्राणी है और यह द्वीप पूरी दुनिया से कटा हुआ है . कामकाजी चक के सामने अब सबसे बड़ा काम है इस निर्जन द्वीप पर अपने लिए भोजन पानी और छत तलाशना . उसका काम के प्रति समर्पण यहाँ उसकी मदद करता है . उसके जीवन से भागदौड ख़त्म हो चुकी है और उसकी जगह शांति पसर चुकी है .
क्या आप कल्पना कर सकते है कि चार वर्षों तक आपसे कोई बात करने वाला न हो तो आप केसे जियेंगे ? निश्चित रूप से आप पागल हो जायेंगे . बातचीत सामाजिक  स्वीकार्यता की जरुरत को पूरा करती है . चक को अपना साथी मिलता है ‘ विल्सन ‘ . विल्सन एक वॉलीबॉल है जो चक के साथ समुद्र में बहकर किनारे लगा था . चक विल्सन से बात करते हुए दिन बिताता है . castaway साइलेंट फिल्मों के दौर के बाद  पहली हॉलीवुड फिल्म है जिसमे आधे घंटे तक कोई संवाद नहीं है . संवाद कि जगह गहरी ख़ामोशी लिए हल्का संगीत है . यह संगीत एलन सिल्वेस्ती ने तैयार किया था . चक कि बेबसी और उसकी उम्मीदों को व्यक्त करता साउंडट्रैक दर्शक को भयंकर परन्तु  सुंदर समुद्र और द्वीप की नीरवता का अहसास करा देता है.

कुछ समय के बाद चक के बदन पर कपड़ों के नाम पर एक टुकड़ा भर बचता है परन्तु अपनी दुनिया में वापस लोटने की जीजिविषा उसे कई नाकाम कोशिशों के बावजूद पस्त नहीं कर पाती .जिन्दा रहने के लिए वह आग जलाता और हाथ के बने भाले से मछलियाँ पकड़ता है .  
फिल्म सिर्फ चक की कहानी नहीं कहती वरन प्रतीकात्मक रूप से जीवन दर्शन समझाती चली जाती है . आखिरकार चक लकड़ी के गट्ठों से नाव बनाने में सफल होता है और सिर्फ अपनी उम्मीद और केली की यादों के सहारे द्वीप से निकल जाता है . कई दिनों तक चलने के बावजूद उसे किनारा नहीं मिलता और  तूफ़ान में उसका मित्र विल्सन भी समुद्र में बह जाता है . विल्सन की जुदाई के वक्त चक का आर्तनाद कठोर दर्शक को भी पिघाल  देता है . अंततः चक को मदद मिलती है और उसे बचा लिया जाता है .
 अपनी दुनिया में पहुँच कर चक पाता है कि वह पूरी तरह बदल गई है . उसकी कंपनी अब नए तरीकों से काम करने लगी है . केली ने दो साल तक उसका इन्तजार किया और फिर शादी कर ली . चक को लगता है कि वह एक द्वीप से निकल कर दुसरे द्वीप पर आगया है .

फिल्म का अंत बहुत ही प्रतीकात्मक और आशावादी है . जिन्दगी की तमाम रुकावटों के बावजूद उसका चलते रहना जरुरी है . इसी में मनुष्य कि सार्थकता है . CASTAWAY ऐसी फिल्म है जो ख़त्म होने के बाद भी दर्शक के मन में चलती रहती है .
       


Thursday, May 5, 2016

The Jungle Book : Life and time of Mogli :मोगली की कहानी

ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ कुछ भले लोग भी भारत आये थे। उन्ही में से एक थे ' जॉन लॉकवूड किपलिंग ' -महान लेखक रुडयार्ड किपलिंग के पिता। बॉम्बे के जे जे स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के परिसर में जन्मे रुडयार्ड किपलिंग ने यायावरी जीवन जिया। उन्होंने भारत में पत्रकारिता करते हुए एक दशक बिताया था । इस अवधि में उन्होंने एक अफवाह सुनी ' मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक बालक को भेड़ियों के झुण्ड ने पाला पोसा ' किपलिंग ने पहली नजर में इस खबर को सिरे से ख़ारिज कर दिया। उनके नजरिये से ऐसा होना संभव नहीं था।
              भारत के मोगली का जन्म यूँ अमेरिका में हुआ - जंगल बुक नाम से।
 मनुष्य का मस्तिष्क मिटटी से भी ज्यादा उर्वर है। अवचेतन में दबा कोई विचार कब विस्तार ले लेता है कहा नहीं जा सकता। वर्षों बाद जब किपलिंग   अमरीका में निवास कर रहे  थे (1893-94 )  तब उनकी कल्पना ने उस कपोल खबर को आकर देना
आरम्भ किया। इस समय तक किपलिंग स्थापित लेखक हो चुके थे और ब्रिटिश लिटरेचर को समृद्ध कर रहे थे। खबर भारत की थी परन्तु कहानियों में वह सात समंदर पार वर्मांट डलास में रूप लेने लगी थी।
                ' जंगल बुक ' सर्वकालिक लोकप्रिय बाल साहित्य में शीर्ष पर है। इसकी  कहानियों के सभी पात्र   जंगली जानवर है जिनमे मानवीय अच्छाइयाँ और बुराइयां दोनों मौजूद है। जंगल बुक कोई एक कहानी नहीं है वरन दर्जनों कहानियों को  एक दूसरे से गूँथ कर बनाया गुलदस्ता है। बच्चों को नेतिक शिक्षा से परिचय कराने के लिए इससे बेहतर संग्रह नहीं है। इन कहानियों के बारे में यह भी कहा जाता है कि किपलिंग ने इन्हे अपनी 6 वर्षीय बेटी 'जोस्फी ' के लिए लिखा था।
                              'जंगल बुक 'को हॉलीवुड ने भी  डटकर भुनाया।  20  सदी की शुरुआत में सिनेमा ने जन्म लिया और उसकी किशोर अवस्था में ही रुडयार्ड किपलिंग की कहानियों का फिल्मीकरण आरम्भ हो गया था।
जंगल बुक की ही वजह से पहले भारतीय अभिनेता को हॉलीवुड ने सर आँखों पर बैठाया था , ये थे केरल में जन्मे ' साबू दस्तगीर ' . एक डॉक्युमेंट्री फिल्म निर्माता अपनी फिल्म the elephant boy के लिए ऐसे लड़के की तलाश में थे जो फिल्म में कुशल महावत का रोल कर सके।  साबू को देखते ही उन्हें लगा कि यह वही है जिसकी उन्हें तलाश थी।  पहली ही फिल्म ने साबू को सितारा हैसियत दी और जंगल बुक पर आधारित अगली कई  फिल्मों में  उनकी व्यस्क ' मोगली ' की छवि इस कदर लोकप्रिय हुई कि  साबू को अमरीकी नागरिकता मिल गई।
आज 75 साल बाद भी हॉलीवुड उन्हें उसी रूप में याद करता है। साबू की स्मृति को चिर स्थायी बनाने के लिए  लॉस एंजेलस में बने ' वाक ऑफ़ फेम ' में एक सितारा साबू के नाम पर भी लगाया गया है।

दिस इस नॉट अ पोलिटिकल पोस्ट

शेयर बाजार की उथल पुथल में सबसे ज्यादा नुकसान अपने  मुकेश सेठ को हुआ है। अरबपतियों की फेहरिस्त में अब वे इक्कीसवे नंबर पर चले गए है। यद्ध...